समारोह 2026 2026 2026 2026
प्रथम श्याम संकीर्तन महोत्सव संकीर्तन महोत्सव संकीर्तन महोत्सव संकीर्तन महोत्सव
प्रथम श्याम संकीर्तन महोत्सव – खाटूश्याम फाउंडेशन
खाटूश्याम फाउंडेशन द्वारा आयोजित प्रथम श्याम संकीर्तन महोत्सव एक भव्य और आध्यात्मिक आयोजन है, जिसका उद्देश्य बाबा श्याम के प्रति भक्ति, सेवा और एकता का संदेश फैलाना है। इस महोत्सव में भक्तों द्वारा संकीर्तन, भजन-कीर्तन, आरती और श्याम बाबा के दिव्य नाम का जाप किया जाता है।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं और पूरे वातावरण में “हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा” के जयघोष से भक्ति और ऊर्जा का संचार होता है। महोत्सव का मुख्य उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ाना और लोगों को सेवा व भक्ति के मार्ग से जोड़ना है।
यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए एक ऐसा पावन अवसर है जहाँ वे एक साथ मिलकर बाबा श्याम की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करते हैं तथा भक्ति भाव में लीन होकर आत्मिक शांति का अनुभव करते हैं।
सम्मान समारोह
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निर्जला एकादशी का महत्व
हिन्दू धर्म में निर्जला एकादशी को सभी एकादशियों में सबसे श्रेष्ठ और पुण्यदायी माना गया है। यह ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है तथा श्रद्धालु बिना अन्न और जल ग्रहण किए व्रत रखते हैं। मान्यता है कि जो व्यक्ति श्रद्धा और भक्ति के साथ निर्जला एकादशी का व्रत करता है, उसे वर्ष भर की सभी 24 एकादशियों के व्रत के समान पुण्य प्राप्त होता है।
निर्जला एकादशी के दिन जल वितरण (प्याऊ सेवा) का महत्व
निर्जला एकादशी प्रायः भीषण गर्मी के समय आती है। ऐसे समय में प्यासे लोगों, यात्रियों, श्रमिकों तथा जरूरतमंदों को शुद्ध एवं शीतल जल पिलाना अत्यंत पुण्यदायी कार्य माना गया है। हमारे शास्त्रों में “जलदान” को महादान की संज्ञा दी गई है, क्योंकि जल ही जीवन का आधार है।
